Tuesday, March 26, 2013

होली है..!

कोई है गुलाबी
कोई है लाल
हवा हो रंग बिरंग
जब उड़े गुलाल
गुझिया खुरमा
नमकीन मिठाई
कैसी होली जब
यह सब ना खाई
थोड़ी शरारत
थोड़ी मस्ती
क्या हुआ
जो वो गुस्साई
रंग लगाओ
खुद रंग जाओ
खुद खुश हो
सबको हंसाओ
दिल से सभी को
होली की बधाई।



Sunday, March 17, 2013

तुम

जो मेरी ताकत बने
कमजोरी नहीं
जो मेरी चाहत बने
मजबूरी नहीं।

के एहसास हो जिसके
पास होने का हर पल
के एहसास हो जिसके
साथ होने का हर पल।

हो इतने करीब
की फासले धड़कन से लगे
सासों की फिक्र ना हो
जीने के लिए।

के पशेमान  ना हो की
साथ मैं तेरे क्यूँ
जिसने जन्म दिया मुझे
साथ वो मेरे क्यूँ।

तुम मेरी
खुली आँखों का ख्वाब हो
कुछ और तमन्ना नहीं
गर कोई तुम जैसा साथ हो।

Wednesday, March 13, 2013

गीली रेत..

गीली रेत को देखो
कोई भी उस पर अपने निशान डाल जाता है
और समुंदर को देखो
वो कैसे अपनी एक लहर से
उसे फिर से पहले सा बना जाता है।

हमारे विचारों  की प्रवृति रेत जैसी है
बस मन समुंदर सा और हो जाए
क्या बिसात हो मुश्किल की फिर
जटिल जीवन सरल हो जाए। 

Friday, September 9, 2011

धन्यवाद!

हे ईश्वर तेरा धन्यवाद है
इस जीवन के लिए
बीत गए कल के लिए
आने वाले हर पल के लिए
ऐसे परिवार के लिए
उनके प्यार के लिए
इस शरीर के लिए
मुझमे निहित हर अच्छे विचार के लिए
मुझे सक्षम बनाने के लिए
विषम परिश्थितियों से निडरता
धीर हो उसे अपनाने के लिए
खाए गए हर निवाले के लिए
जीवन रस युक्त हर प्याले के लिए
हे ईश्वर तेरा धन्यवाद है!

Friday, September 2, 2011

एक विचार!

गलतियाँ तो अक्सर हो जाती है
पर उनका एहसास नहीं हो पाता
जो एहसास भी हो जाए अगर
तो उसे ज़ाहिर नहीं कर पाते
ज़ाहिर न कर पाने से
ग़लतफ़हमियाँ पैदा हो जाती है
जो के दूरियाँ बढाती है
बातें बनती जाती है क्यूँकी
कल्पनाओ का विस्तार अनंत है
की सारी हदें टूट जाती है
इसीलिए यथार्थ जाने बिना
प्रतिक्रिया वैध नहीं होती
उसे भी कसौटियों पर परखना चाहिए
मन में सोचने से कुढन होती है
मन में कुछ भी कभी नहीं रखना चाहिए
जिनसे प्यार करते है उनसे
रिश्ते अति मूल्यवान होते है
गलती किसी की भी हो
समझौता कर लेना चाहिए!

Thursday, August 4, 2011

जलेबीँ

एक बार इंग्लैंड से भारत आए विलिअम डक
खा कर गर्म जलेबीँ डक रह गए दंग
डक रह गए दंग पुछा इसको कैसे बनाता
इस चीज़ के अन्दर शरबत कैसे भर जाता
वेटर बोला इसको आर्टिस्ट बनाते
जब बन जाता तब इन्जेक्सन से रस पहुचाते !!

Thursday, July 28, 2011

अर्ज़ है !!

हमने उल्फत में उन्हें देखते देखते
होश को खयालो के हवाले कर दिया
जान हलक में आ गयी तो पता चला की
ज़िन्दगी साँसों की मोहताज़ नहीं होती
सांस खो कर भी जिंदा रह सकते है
जब ज़िन्दगी दिल के पास होती है !!